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हिन्दी कविता- अंगूठे में दूध (Hindi poem for kids)





छोटा भैया राजा बेटा
छोटे से बिस्तर पर लेता,
सदा अंगूठा मुँह में रखता
सभी चीज़ पहले वह चखता !
गुपचुप भाषा में हैं कहता
अगर कहीं कुछ ऐसा होता,
अंगूठे में दूध जो आता
क्यों मैं माँ को रोज सताता?

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