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हिन्दी कविता-राखी का त्योहार (Hindi poem for kids)





आया राखी का त्योहार,
सुबह-सुबह होकर तैयार,
अंजुल मंजुल दोनो बहनें,
अच्छे-अच्छे कपड़े पहेने!

अंजुल मंजुल दोनो बहनें,
लेकर राखी और मिठाई,
जाती है भैया के पास,
मन में प्यार भरी है आस!

भैया झुक टीका लगवाता,
बहिनों से राखी बँधवाता,
अंजुल कहती लिए मिठाई,
लो, मूह मीठा कर लो भाई!

भैया हंसकर बरफी ख़ाता,
बहिनों को है गले लगाता,
करता उनको जी भर प्यार,
देता है सुंदर उपहार

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