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हिन्दी कविता- नटखट बच्चे (Hindi poem for kids)





इस बुढ़िया के बच्चे नटखट
दिनभर करते रहते खटपट,
बुढ़िया जाता चने भुनाने
बच्चे लगते शोर मचाने,
बुढ़िया चने भुनाकर लाती
बच्चो को वह लड़ता पाती,
मुट्ठी भर भर चने खिलाती
सब को दो दो चपत लगाती,
हंसते रोते चने चबाते
इधर-उधर वे सब सो जाते !

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