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हिन्दी कविता- मेरी गुड़िया (Hindi poem for kids)





पापा, गुड़िया ऐसी लाना,
गोरी हो या काली हो
गुड़िया हँसने वाली हो,
लंबी हो या छोटी हो,
गालें उसकी मोटी हों,
बैठी हो या चलती हो
ज़िद कभी न करती हो,
गाती हो वह मीठे गाने
मेरा कहना हर दम माने !

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