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हिन्दी कविता- गाँधी जी के तीन बन्दर (Hindi poem for kids)





दम दमा दम मस्त कलंदर,
हम हैं गाँधी जी के बंदर.
हम में अच्छे - अच्छे गुण हैं,
नहीं किसी से भी हम कम हैं.

मैने घूमी दुनिया सारी,
चाहूं ओर है मारा-मारी.
लेकिन मैं तो अच्च्छा देखूं,
अच्छी - अच्छी बातें सीखूं,
बुरी चीज़ मैं नहीं देखता,
मैं बापू को प्यारा लगता.

मैं भी घुमा दुनिया सारी,
कहीं मौज तो कहीं लाचारी.
बुरी बात मैं नहीं बोलता.
सोच समझ कर मुँह को खोलता.
बुरा ना बोलो मेरा नारा,
इसीलिये बापू का प्यारा.

मैं भी दुनिया घुमा करता,
तरह-तरह की बातें सुनता.
लेकिन बापू ने सिखलाया,
जीवन का एक मंत्र बताया.
बुरी बात पर कान ना धरना,
दुख ही दुख पाओगे वरना.

तुम भी यह सब बातें सीखो,
बुरा कहो, ना सुनो, ना देखो.
यदि मंत्र यह अपना लोगे,
तो सबके प्रिय बन जाओगे.

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